शैडोइंग अभ्यास: 40 Phrases For Presenting In English - Business English (FREE PDF) - वीडियो के साथ अंग्रेजी बोलना सीखें
इस पाठ के बारे में
इस पाठ में, आप अंग्रेजी में प्रस्तुतियों के लिए उपयोगी वाक्यांशों और अभिव्यक्तियों का अभ्यास करेंगे। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से व्यवसायिक वातावरण में प्रस्तुतियों को और प्रभावशाली बनाने में मदद करेगा। आप समझेंगे कि कैसे एक अच्छे परिचय से लेकर मुख्य बिंदुओं एवं निष्कर्ष तक, प्रत्येक चरण को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जा सकता है। यही नहीं, आप सवाल पूछने के तरीके और पावरपॉइंट में जानकारी प्रस्तुत करने की कला भी सीखेंगे।
मुख्य शब्दावली और वाक्यांश
- Welcome to my presentation - मेरी प्रस्तुति में आपका स्वागत है
- The topic of my presentation is - मेरी प्रस्तुति का विषय है
- Let’s move on to - चलिए अब आगे बढ़ते हैं
- I’d appreciate it if you could leave any questions until the end - मैं आभारी रहूँगा यदि आप अंत तक सवाल छोड़ दें
- This concludes my first topic - यह मेरे पहले विषय का निष्कर्ष है
- Now let’s turn to - अब हम चलते हैं
- If you have any questions during the presentation - यदि आपके पास प्रस्तुति के दौरान कोई सवाल है
अभ्यास टिप्स
इस वीडियो में प्रयुक्त वाक्य और अभिव्यक्तियाँ अपेक्षाकृत सीधे और स्पष्ट हैं, जिससे आप उन्हें आसानी से अनुकरण कर सकते हैं। shadowspeak तकनीक का उपयोग करते हुए, आप वीडियो को सुन सकते हैं और वाक्यांशों को दोहराने का प्रयास कर सकते हैं। यह अभ्यास आपको उच्चारण और प्रवाह में सुधार करने में मदद करेगा। सुनिश्चित करें कि आप अपने बोलने की गति को वीडियो की गति के साथ मेल खिलाते हुए अभ्यास करें। अगर आपको कुछ कठिनाई होती है तो आप वीडियो को धीमा कर सकते हैं। जितनी बार आप इसे सुनेंगे, उतनी ही बेहतर बात करने की क्षमता प्राप्त करेंगे। याद रखें, यूट्यूब से अंग्रेजी सीखें छात्रों के लिए एक बड़ा स्रोत है, इसलिए उनके रास्ते में आने वाले समय और कठिनाईयों को धैर्यपूर्वक सहन करें। नियमित रूप से पुनरावृत्ति करें और अपने आत्मविश्वास को बनाए रखें।
शैडोइंग तकनीक क्या है?
शैडोइंग (Shadowing) एक विज्ञान-समर्थित भाषा सीखने की तकनीक है जो मूल रूप से पेशेवर दुभाषिया प्रशिक्षण के लिए विकसित की गई थी। विधि सरल लेकिन शक्तिशाली है: आप मूल अंग्रेज़ी ऑडियो सुनते हैं और तुरंत इसे ज़ोर से दोहराते हैं — जैसे वक्ता की छाया 1-2 सेकंड की देरी से। शोध से पता चलता है कि यह उच्चारण सटीकता, स्वर, लय, जुड़ी हुई ध्वनियाँ, सुनने की समझ और बोलने की प्रवाहशीलता में काफ़ी सुधार करता है।