Unit 13: Nasal Consonants
नासिक्य व्यंजन /m/, /n/, /ŋ/ जिनमें हवा नाक से निकलती है।
पाठ
यूनिट 13 — नासिक्य व्यंजन (Nasal Consonants)
यह यूनिट अंग्रेज़ी के तीन नासिक्य व्यंजनों को समेटती है: /m/, /n/ और /ŋ/।
नासिक्य ध्वनि क्या बनाती है?
- कोमल तालू (velum) नीचे आ जाता है और नाक का रास्ता खुल जाता है।
- मुँह किसी एक जगह पूरी तरह बंद रहता है, इसलिए सारी हवा नाक से निकलती है।
- स्वरतंत्री कंपती है — अंग्रेज़ी के सभी नासिक्य घोष हैं।
त्वरित जाँच: mmm, nnn या -ng कहते समय अपनी नाक दबाइए। ध्वनि तुरंत रुक जाती है। इससे साबित होता है कि हवा नासिका-गुहा से गुज़र रही है।
तीन उच्चारण-स्थान:
- /m/ — द्वयोष्ठ्य: दोनों होंठ बंद।
- /n/ — वर्त्स्य: जीभ की नोक ऊपरी दाँतों के पीछे के उभार पर।
- /ŋ/ — कंठ्य: जीभ का पिछला भाग कोमल तालू से लगा हुआ (जैसे sing, song, long में)।
नासिक्य सुनने में आसान हैं पर सही जगह पर बनाने में कठिन, ख़ासकर शब्दों के अंत में /ŋ/। हर पाठ में अपना समय लीजिए।