IELTS Speaking

एक एग्ज़ामिनर के साथ आमने-सामने इंटरव्यू, जो रिकॉर्ड होता है।

फ़ॉर्मैट
11–14 मिनट · 3 पार्ट
स्कोरिंग
चार क्राइटेरिया: Fluency & Coherence, Lexical Resource, Grammatical Range & Accuracy, Pronunciation।

Part 1 · Introduction & interview

जानी-पहचानी चीज़ों पर छोटे सवाल: घर, काम, पढ़ाई, शौक।

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फ़ॉर्मैट

  • 4–5 मिनट
  • 3 टॉपिक, हर एक में लगभग 4 सवाल

टिप्स

  • 2–3 वाक्यों में जवाब दें: जवाब + कारण + उदाहरण।
  • जवाब याद करके मत बोलें — एग्ज़ामिनर को पता चल जाता है और स्कोर कम हो जाता है।
  • नैचुरल स्पोकन इंग्लिश इस्तेमाल करें: contractions, सिंपल लिंकिंग (actually, to be honest)।

Part 2 · Long turn (cue card)

1 मिनट तैयारी के बाद कार्ड पर दिए टॉपिक पर 2 मिनट तक बोलें।

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फ़ॉर्मैट

  • तैयारी के लिए 1 मिनट, बोलने के लिए 1–2 मिनट
  • एग्ज़ामिनर एक-दो फॉलो-अप सवाल पूछ सकता है

टिप्स

  • मिनट का इस्तेमाल हर बुलेट पॉइंट के लिए एक कीवर्ड नोट करने में करें, पूरे वाक्य नहीं।
  • इसे एक कहानी की तरह बताएं: सीन सेट करें, बताएं क्या हुआ, बताएं कैसा महसूस हुआ।
  • जब तक एग्ज़ामिनर न रोके, बोलते रहें — टारगेट 2 मिनट है।

Part 3 · Discussion

Part 2 के टॉपिक से जुड़े एब्स्ट्रैक्ट सवाल: समाज, वजहें, भविष्य।

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फ़ॉर्मैट

  • 4–5 मिनट
  • लंबे, ज़्यादा कॉम्प्लेक्स जवाब एक्सपेक्टेड

टिप्स

  • अपना ओपिनियन दें, वजह बताएं, और दूसरे पहलू पर भी विचार करें।
  • सिर्फ अपने बारे में नहीं, लोगों के बारे में सामान्य रूप से बात करें।
  • स्पेकुलेशन लैंग्वेज इस्तेमाल करें: it's likely that…, I'd imagine…, in the long run…